*10 दिवसीय निशुल्क आयुर्वेद अंतरंग क्षारसूत्र शल्य चिकित्सा शिविर का आयोजन 5 जनवरी से*
*10 दिवसीय निशुल्क आयुर्वेद अंतरंग क्षारसूत्र शल्य चिकित्सा शिविर का आयोजन 5 जनवरी से*
सलूंबर 2 जनवरी। राजस्थान सरकार आयुर्वेद विभाग एवं राष्ट्रीय आयुष मिशन के संयुक्त तत्वाधान में 10 दिवसीय निशुल्क आयुर्वेद अंतरंग क्षारसूत्र शल्य चिकित्सा शिविर का आयोजन जैन बोर्डिंग परिसर चुंगी नाका सलूंबर में किया जा रहा है यह शिविर दिनांक 5 जनवरी 2026 से 14 जनवरी 2026 तक रहेगा इसमें ओपीडी सेवाएं प्रात 9:00 बजे से 3:00 बजे तक रहेगी शिविर में अर्श (मस्सा, बवासीर), भगंदर, फिशर रोगों का क्षारसूत्र चिकित्सा विधि से निशुल्क ऑपरेशन किए जाएंगे एवं रोगियों को भोजन एवं आवास की व्यवस्था निशुल्क दी जाएगी, अर्श, भगंदर रोगों में आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति पूरी तरह सुरक्षित एवं प्रभावी है, जिसमें रोगियों को आधुनिक उपकरणों और आयुर्वेद के क्षार सूत्र द्वारा शल्य क्रिया की जाएगी। शिविर में भाग लेने के लिए इच्छुक रोगी अपना पंजीकरण जिला चिकित्सालय सलूंबर रूम नं. 12 एवं जिले के सभी आयुर्वेद औषधालयों में पंजीकरण करवा सकते हैं एवं अधिक जानकारी के लिए डॉ. जितेंद्र जोशी सहायक नोडल अधिकारी आयुर्वेद विभाग जिला सलूंबर एवं शिविर प्रभारी डॉ अख्तर हुसैन से संपर्क कर सकते हैं।
ऑपरेशन के लिए 5 जनवरी से 8 जनवरी तक आप पंजीकरण कर सकते हैं, इसके लिए आप उक्त नंबर पर संपर्क करें 9571003244,9680619437
शिविर में योग अभ्यास कार्यक्रम प्रातः 7 से 8 बजे तक होगा जिसमें योग विशेषज्ञ द्वारा योग प्रोटोकॉल का अभ्यास कराया जाएगा।
*आयुर्वेद से जटिल बीमारियों का उपचार*
डॉ जितेन्द्र जोशी ने बताया कि विभिन्न पुरानी जटिल बीमारियों का उपचार आयुर्वेद के विशेषज्ञ द्वारा किया जाएगा आप अपनी पुरानी रिपोर्ट्स एवं जांच साथ लेकर अवश्य आए। शिविर में आयुर्वेद विभाग के विशेषज्ञों द्वारा कई बीमारियों का निशुल्क उपचार किया जाएगा जैसे स्त्री रोग, सफेद पानी, रक्त प्रदर, वात रोग, संधिवात, आमवात, कमर दर्द, पेट संबंधी विकार, अम्लपित्त, कब्ज, अल्सर, मस्से, बबासीर, त्वचा विकार, दाद, एक्जीमा, सफेद दाग, जीवन शैली जन्य विकार, बीपी, शुगर, थाइरोइड, किडनी विकार, पुरानी एलर्जी, पथरी, पेशाब की समस्याओं, प्रोस्टेट, यौन विकार, पुरानी एलर्जी, खांसी, बुखार, कमजोरी आदि
*शिविर का आकर्षण*
पंचकर्म आयुर्वेद का एक अंग है, जिसमें शरीर को शुद्ध और संतुलित किया जाता है। पंचकर्म में निम्नलिखित प्रक्रियाएं की जाएंगी।
1. स्नेहनः शरीर में तेल का प्रयोग कर मांसपेशियों को लचीला और मजबूत बनाया गया।
2. स्वेदनः शरीर से विषैले तत्वों को पसीने के माध्यम से निकालने के लिए भाप चिकित्सा दी गई।
3. कटी बस्ती: पीठ के निचले हिस्से में दर्द और कमजोरी के लिए विशेष औषधीय तेल का प्रयोग किया गया।
4. जानू बस्तीः घुटनों के दर्द और जोड़ों की समस्या के लिए यह उपचार दिया गया।
5. ग्रीवा बस्तीः गर्दन के दर्द और जकड़न को दूर करने के लिए औषधीय तेल से उपचार किया गया।
आयुर्वेद की लोगों के स्वास्थ्य में हमेशा काम आने वाले औषधीय की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी।
हर वर्ष की भांति स्वास्थ्य के सेवा में पुनीत कार्य करते हुए महावीर इंटरनेशनल द्वारा इस वर्ष भी जैन बोर्डिंग परिसर निशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है। आरोग्य भारती और सेवा भारती की सेवाएं भी इस वर्ष शिविर को मिलने जा रही है।
*शिविर का मुख्य उद्देशय*
इस शिविर का मुख्य उद्देश्य आयुर्वेद की प्राचीन चिकित्सा पद्धति और योग के माध्यम से रोगियों को स्वस्थ जीवन प्रदान करना है। यह कार्यक्रम न केवल रोगों का उपचार करेगा बल्कि स्वास्थ्य स्वस्थ जीवन जीने के लिए
आयुर्वेद और योग के महत्व को उजागर करेगा, आज हमें बगैर किसी औषधी के स्वस्थ रहने की कला की आवश्यकता है जो आयुर्वेद की दिनचर्या, ऋतुचर्या और योग से हम साध्य कर सकते हैं।

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