आचार्य सन्मति सागर के 88वें अवतरण दिवस पर आयोजित हुवा सन्मति विधान*
*आचार्य सन्मति सागर के 88वें अवतरण दिवस पर आयोजित हुवा सन्मति विधान*
सलुम्बर । सलुम्बर नगर के गाँधीचौक में 1008 श्री ऋषभदेव दिगम्बर जैन दशा हुमड समाज मंदिर में आचार्य गुरुवर चंद्रसागर महाराज ससंघ सानिध्य में तपस्वी सम्राट आचार्य सन्मति सागर महाराज के 88वें अवतरण दिवस पर सन्मति विधान का आयोजन सकल दिगम्बर जैन समाज की उपस्थिति में आयोजित हुवा ।
समाज के जय प्रकाश शाह ने बताया की गुरुदेव आचार्य सन्मतिसागर महाराज का जन्म माघ शुक्ल 7 सन् 1938 में फफोतु,जिला एटा(उ.प्र.)में हुआ। आपने आचार्य १०८ महावीर कीर्ति जी महाराज से 18 साल की आयु में ब्रहमचर्य व्रत लिया। एवं सन 1961 में (मेंरठ ) में आचार्य विमलसागर महाराज से क्षुल्लक दीक्षा प्राप्त की। सन 1962(कार्तिक शुक्ला 12,सम्मेद शिखर) में आपको मुनि दीक्षा मिली | गुरुदेव 24 घंटो में केवल 3 चार घंटे ही विश्राम करता थे. वे पूरी रात तपस्या में लगे रहते थे। अपनी समाधी से पहले दिन यानि 23-12-10 को आपने अपने शिष्यों को पढ़ाया और शाम को अपना आखरी प्रवचन भी समाधी पर ही दिया. और सुबह 5.50 बजे आपने अपने आप पद्मासन लगाया। भगवन का मुख अपनी तरफ करवाया और अपने प्राण 73 वर्ष की आयु में 24-12-10(पौष कृष्णा 4,उदगांव से 40 कि.मी. दूर,कोल्हापुर) के पूर्वाचार्यो का ध्यान करते हुए महाप्रयाण कर गए ऐसे महान आचार्य का गुणानुवाद करते हुए सन्मति विधान का आयोजन किया गया आचार्य के अवतरण दिवस पर नैवेद्य सजाओ प्रतियोगिता का आयोजन हुवा जिसमें चेतना शाह रेखा गड़िया राजकुमारी कोठारी भावना कोठारी लीना पार्डिया श्रेष्ठ रही एवम् साँयकालीन सभा में आरती गुरुभक्ति का आयोजन हुवा । इस अवसर पर स्थानीय समाज के सेठ रमेश कुमार कुणीया मुनिसंघ सरंक्षक धीरजमल भूता विवेक कोड़ीया कल्पेश पारडिया राकेश गाँधी दिलेश कोठारी रेखा कुणीया रंजना गाँधी ज्योति चेतना शाह राजकुमारी भावना कोठारी अश्लेखा मैना पारडिया भानु दोषी शकुन्तला भूता कल्पना पुष्पलता कोड़ियाँ रेखा गड़िया अंजना पूजा सविता दीपिका रंगशोभा मधु गाँधी के साथ ही संत्रामपुर धारियावद उदयपुर भीलवाड़ा आदि शहरों के श्रावक श्राविकाए उपस्थित थे ।

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