प्रशासन की अपेक्षा की शिकार बनी अति प्राचीन स्थापत्य कला की प्राचीन धरोहरें**
*प्रशासन की अपेक्षा की शिकार बनी अति प्राचीन स्थापत्य कला की प्राचीन धरोहरें**
**
मारवाड़ के ऐतिहासिक आउवा गांव में कुंडल सरोवर के किनारे खड़ी प्राचीन स्थापत्य कला चित्रकला मूर्ति कला का बेजोड़ नमूना और प्राचीन धरोहर छतरियां गिरने की हालत में पहुंच चुकी है।
कष्ण कुंज के नाम से विख्यात 2000 वर्ष पुरानी प्राचीन छतरियां ,अजंता की गुफाओं से मेल खाती है।
इस मंदिर में की गई कारीगरी , चित्रकारी और मूर्ति कला आश्चर्य चकित करती है। सिर्फ रखरखाव और मरम्मत के अभाव में और प्रशासन की अनदेखी के चलते वर्तमान में यह गिरने की हालत में पहुंच चुकी है।
रिपोर्टर *वॉइस ऑफ़ मीडिया* राजस्थान
संगठन कार्यकारिणी, सदस्य

टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें