नागौर के बुटाटी धाम की अनुपम और अद्भुत अकल्पनीय छवि को धूमिल करने की कोशिश, गांव के असामाजिक तत्वों द्वारा

 *नागौर के बुटाटी धाम की अनुपम और अद्भुत  अकल्पनीय छवि को धूमिल करने की कोशिश, गांव के असामाजिक तत्वों द्वारा



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जैसा कि आप आप सभी को पता ही होगा कि नागौर जिले में नागौर से अजमेर सड़क मार्ग पर कुचेरा के पास बुटाटी धाम है ।

यह बुटाटी धाम आदिकाल से है । यहां मान्यता आदिकाल से ही यह रही है कि  पक्षाघात अर्थात जिसे लकवा कहा जाता है। उस पीड़ित मनुष्य ,जीव जंतु यदि समय रहते जल्द से जल्द बाबा श्री श्री श्री 1008 श्री चतुरदास जी महाराज के धाम पर पहुंच जाता है । तो वह एकदम स्वस्थ होकर आता है ऐसा कहा सुना भी जाता है और मेरे द्वारा प्रत्यक्ष देखा भी गया ,और भी लाखों लोगों ने प्रत्यक्ष देखा है ।और उन्हें वहां जाने से पुण्य लाभ भी मिला है और शारीरिक लाभ भी मिला है ।

वर्तमान में बाबा श्री चतुरदास जी सेवा समिति के अध्यक्ष एवं उनकी कार्यकारिणी तथा उसके समस्त सदस्यगण निस्वार्थ और लगन पूर्वक आने वाले दर्शनार्थी और पक्षाघात से पीड़ित रोगी और उनके साथ आए हुए लोगों की  सेवा में 24 घंटे तक लगातार रहते हैं। लेकिन गांव के ही कुछ असामाजिक तत्वों ने पिछले दो-तीन महीनों से अध्यक्ष को हटाने का नया जुमला बनाया है। इस जुमले का मुख्य मकसद यह है ,कि मंदिर की इस कमेटी प्रशासन में इनको विघ्न डालना है ,अर्थात छिन्न भिन्न करना है । जबकि वर्तमान  कमेटी अध्यक्ष ,देवेंद्र सिंह राठौड़ और उनकी समस्त टीम और पदाधिकारी गण एकदम ईमानदारी पूर्वक और शालीनता और भव्यता से बिना किसी भेदभाव के दर्शनार्थीयों  और पीड़ितों की सेवा में लगे हुए। 

यह सभी लोग विरोध में जो धरना दिए बैठे हैं ।इन्होंने जो स्टाॅल और दुकानें लगाई थी ।

उनमें मंदिर कमेटी के द्वारा जो प्रसाद और वस्तु प्रतिबंध की गई थी ,उनका यह धडल्ले से व्यापार कर रहे थे। 

जिन प्रसाद और वस्तुओं का मंदिर में भोग ही नहीं लगता उनको यह बाहर से आए हुए भक्तगण,दर्शनार्थी और पीड़ितों ,, जिन्हें नहीं पता होता ,उनको ये प्रसाद के बहाने देते जिससे की मंदिर की व्यवस्था,अव्यवस्था में बदल रही थी। इस स्थिति को भांपते हुए वर्तमान देवेंद्र सिंह राठौड़ अध्यक्ष ,और कमेटी ने इन अस्थाई दुकानों को हटाया था । यह भी एक इन धरनार्थियों में व्यक्तिगत रंजिश है। 

कई दिनों से सोशल मीडिया पर चल रहा है । यह सभी बाबा के प्रति श्रद्धालुओं में जो अटूट श्रद्धा और विश्वास है उसे धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है जबकि ऐसा हो नहीं सकेगा ,चाहे यह कितना ही कर ले। 

इसका मुख्य कारण तो यह है । कि विगत कुछ महीना पहले मंदिर कमेटी ने मंदिर में आने जाने के रास्ते पर सैकड़ो लोगों ने अतिक्रमण करके अपनी अस्थाई दुकानें बना ली ।

जिससे कि मंदिर में आने जाने का रास्ता बिल्कुल अवरुद्ध हो गया था ।

गांव के यह प्रशासन और मंदिर कमेटी के द्वारा उस अतिक्रमण को हटा दिया गया , इसका बदला लेने के लिए इन असामाजिक तत्वों ने यह नया जुमला जोड़कर और जनता में झूठा भ्रम फैलाया जा रहा है।

*** इनका असली गुस्सा तो,इन्होंने जो रास्ते पर अतिक्रमण किया था उसको हटा दिया गया ,वह है **

लेकिन इन्होंने उसे नया रूप देकर और अपना मनमाना रवैया अपना रहे हैं जो कि न्याय असंगत है। 

और इन धरनार्थियों के साथ कुछ युटुबर, फर्जी तरीके अपना कर और कुछ नए-नए कैमरामैन इनकी बाइट लेते हैं।और उनसे बातचीत करते हैं सवाल-जवाब लेते हैं,और उसे सोशल मीडिया के माध्यम से वायरल कर रहे हैं। जिससे कि बाबा श्री चतुरदास जी महाराज के धाम की छवि धूमिल हो। 

यह सनातन विरोधी कार्य है।

और इसकी जितनी निंदा की जाए, वह भी कम है,क्योंकि ऐसा  करने वाले व्यक्ति संकुचित सोच के व्यक्ति होते हैं इनकी सोच अच्छी नहीं है इसीलिए इन्होंने ऐसे कदम उठाए हैं जो की बिल्कुल गलत है।

रिपोर्टर *वॉइस ऑफ़ मीडिया* राजस्थान

संगठन कार्यकारिणी,कोषाध्यक्ष 

शिंभू सिंह शेखावत

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