जयपुर का आदर्श नगर यूं बसा था,जीत दिलाने वाली विजय भूमि के फतेह टिब्बा पर बसा हुआ है
*जयपुर का आदर्श नगर यूं बसा था,जीत दिलाने वाली विजय भूमि के फतेह टिब्बा पर बसा हुआ है
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जयपुर की चार दिवारी के दक्षिण में फतेह टीबा की भूरी रेत के टीलों को समतल कर आदर्श नगर के नाम से कॉलोनी बसाई गई। जयपुर रियासत की आर्मी के लिए अति शुभ मानी गई ।इस पवित्र धरती फतेह टीबा का एक नाम विजय भूमि भी था।
सवाई जयसिंह ने फतेह तिब्बा की धरती को युद्ध अभ्यास के लिए उपयुक्त माना था ।
मोती डूंगरी रोड पर खरबूजा मंडी के सामने टीलों के फतेह तिब्बा से कभी टोपें चलती थी ।
दूसरा विश्व युद्ध शुरू हुआ तब लोगों को हवाई हमलों से बचाव के तरीके बताने के लिए फतेह टीबा पर सभा हुई थी ।
सन 1941 के दस्तावेज में फतेह तिब्बा को विजय भूमि बताया है ।
द्वितीय विश्व युद्ध में सवाई मानसिंह के नेतृत्व में जयपुर की तीनों सेनाएं मिश्र के मोर्चे पर गई थी।
रियासत के प्रधानमंत्री राजा ज्ञाननाथ की अध्यक्षता में फतेह टीबा पर सभा हुई।
इतिहास के जानकार देवेंद्र भगत के मुताबिक सवाई मानसिंह युद्ध में विजय होने के बाद सेना सहित जयपुर लौटे, तब सेना ने फतेह टीबा पर आर्मी के चीफ कमांडर सवाई मानसिंह द्वितीय को सलामी दी।इस मौके पर फतेह टीबा से छुटी तोपों के तेज धमाकों ने लोगों को दहला दिया था। युद्ध में जीत की खुशी में महाराजा मानसिंह ने अक्टूबर 1943 में हेड़े का आयोजन कर प्रजा का जीमण कराया था।
फतेह टीबा पर भरने वाले विजय के प्रतीक दशहरा मेले में दो मंजिला इंद्र विमान दो हाथियों को खींच कर ले जाता था। रथ को देखने के लिए वहां पर भीड़ उमड़ पड़ती थी।
हाथियों का रथ बरसों से सिरह ड्योढ़ी दरवाजे के गैराज में जंग खा रहा था।
आदर्श नगर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रहे अशोक परनामी यहां से विधायक भी रहे। वर्तमान में कांग्रेस के रफीक खान साहब विधायक है।
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रिपोर्टर *वॉइस ऑफ़ मीडिया* राजस्थान
जितेंद्र शिंभू सिंह शेखावत


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