नीम का थाना रामलीला मैदान में मूर्ति महाराजा अग्रसेन जी की लगाने के बाद , हटाने के ज्ञापन दिए जाने लगे*
*नीम का थाना रामलीला मैदान में मूर्ति महाराजा अग्रसेन जी की लगाने के बाद , हटाने के ज्ञापन दिए जाने लगे*
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नीम का थाना के सुभाष मंडी और कपिल मंडी के मध्य स्थित रामलीला मैदान में महाराजा अग्रसेन जी महाराज की मूर्ति का सुसम्मान पूर्वक शुभारंभ किया गया था।
72 घंटे भी नहीं हुए होंगे। मूर्ति को हटाने के लिए अतिरिक्त जिला कलेक्टर नीमकाथाना के कार्यालय में ज्ञापन अनेकों बुद्धिजीवी वर्गो द्वारा उपस्थित होकर दिया गया।
ज्ञापन देने वालों में नीमकाथाना के प्रबुद्ध नागरिक, संगठन और बुद्धिजीवी वर्ग सैकड़ो की संख्या में थे। जिन्होंने विरोध स्वरूप और भाजपा नेताओं की मानसिकता को गलत बताया और विरोध दर्ज करायां।
इससे क्या आशय जाता है ,जब लगभग 20 वर्षों से चर्चित (जहां मूर्ति प्रतिष्ठित हुई है)मूर्ति अनावरण और प्रतिष्ठित होकर और शुभारंभ राजस्थान सरकार, राज्य सैनिक कल्याण बोर्ड अध्यक्ष, प्रेम सिंह बाजोर के करकमलों द्वारा संपन्न हुआ।
यह एक विडंबना और संकुचित सोच के कारण एक संगठित संगठन द्वारा इस प्रकार से यूट्यूब पर को विरोध दर्ज कराते हुए।
मीडिया कर्मी के माइक में बोल रहे हैं और भाजपा के नेता जो की नीमकाथाना के वरिष्ठ भाजपा नेता है। वर्तमान भाजपा सरकार में बोर्ड अध्यक्ष भी हैं, उन पर भी गंभीर आरोप और दुर्भावना के आरोप लगाए । और सुप्रीम कोर्ट के नियमों, आदेशों की अवहेलना का परिपत्र भी ज्ञापन के साथ दिया गया।
नीम का थाना के अनेकों संगठनों के पदाधिकारीगण , संगठन ,बुद्धिजीवी वर्ग और प्रबुद्ध नागरिकों ने एडीएम कार्यालय को ज्ञापन सौंप कर विरोध दर्ज कराया ,और गहरा आक्रोश प्रकट किया यदि ज्ञापन देने वालों को किसी समाज किसी व्यक्ति से कोई आपसी मतभेद नहीं है और किसी धर्म और जाति के प्रति भी कोई दुर्भावना नहीं है तो फिर ऐसे इस प्रकार के ज्ञापन देने का क्या अर्थ प्रकट होता है या यह आपसी दो गुटों की राजनीति है।
रिपोर्टर *वाॅयस ऑफ़ मीडिया* राजस्थान
शिंभू सिंह शेखावत( संगठन कार्यकारिणी सदस्य)


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