सलूम्बर में चाकू से जानलेवा हमला: आरोपी यशवंत को 10 साल का कठोर कारावास
सलूम्बर में चाकू से जानलेवा हमला: आरोपी यशवंत को 10 साल का कठोर कारावास
जिला एवं सेशन न्यायालय का सख़्त संदेश— ऐसे अपराधों पर नहीं होगी नरमी
सलूम्बर।
सलूम्बर जिले में कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाले एक गंभीर आपराधिक मामले में जिला एवं सेशन न्यायालय ने कड़ा रुख अपनाते हुए आरोपी को लंबी सजा सुनाई है। जिला एवं सेशन न्यायाधीश श्री रामेश्वर प्रसाद चौधरी ने प्रकरण संख्या 64/2025 (राज्य बनाम यशवंत उर्फ जसवंत) में फैसला सुनाते हुए आरोपी को जानलेवा हमले का दोषी करार दिया।
न्यायालय के अनुसार दिनांक 19 अक्टूबर 2023 को शाम करीब 3:30 बजे सलूम्बर के खाई मोहल्ला क्षेत्र में आरोपी यशवंत उर्फ जसवंत ने पूंजालाल पर धारदार हथियार (चाकू) से जान से मारने की नीयत से हमला किया। इस हमले में पीड़ित को गंभीर एवं प्राणघातक चोटें आईं, जिनका इलाज जिला चिकित्सालय सलूम्बर में किया गया। चिकित्सकों ने चोट को जीवन के लिए अत्यंत खतरनाक बताया।
घटना के बाद थाना सलूम्बर में एफआईआर संख्या 285/2023 दर्ज की गई। पुलिस जांच पूरी होने के बाद आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 307, 326 तथा आयुध अधिनियम की धारा 4/25 के तहत आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया गया।
विचारण के दौरान लोक अभियोजक एडवोकेट रणजीत पुर्बिया द्वारा अभियोजन पक्ष की ओर से 12 गवाहों के बयान तथा 21 महत्वपूर्ण दस्तावेज न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए गए। सभी साक्ष्यों के गहन परीक्षण के बाद न्यायालय इस निष्कर्ष पर पहुँचा कि हमला जान से मारने की स्पष्ट नीयत से किया गया था।
न्यायालय ने अपने निर्णय में कहा कि समाज में इस प्रकार के जघन्य अपराधों में लगातार वृद्धि हो रही है और यदि ऐसे मामलों में कठोर दंड नहीं दिया गया तो अपराधियों का मनोबल बढ़ सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए न्यायालय ने आरोपी यशवंत को धारा 307 भा.दं.सं. एवं धारा 4/25 आयुध अधिनियम के तहत दोषसिद्ध घोषित करते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास तथा 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा नहीं करने पर आरोपी को अतिरिक्त तीन माह का कठोर कारावास भुगतना होगा। वहीं धारा 326 में संदेह का लाभ देते हुए आरोपी को बरी किया गया।
इस प्रकरण में राज्य की ओर से लोक अभियोजक एडवोकेट रणजीत पुर्बिया की प्रभावी पैरवी को भी सराहा गया।
न्यायालय के इस फैसले से सलूम्बर क्षेत्र में अपराधियों को स्पष्ट संदेश गया है कि गंभीर अपराधों पर कानून पूरी सख्ती से कार्रवाई करेगा।

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