मधुमक्खी पालन का एक दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न

 *मधुमक्खी पालन का एक दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न


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सलूंबर 25 फरवरी। पंचायत समिति सलूंबर सभागार में एक दिवसीय जिला स्तरीय मधुमक्खी पालन प्रशिक्षण संपन्न हुआ। प्रशिक्षण में ब्लॉक सेमारी से 10 किसान जयसमंद से 8 सलूंबर से 16 सराडा से 1 झल्लारा 16 से एवं लसाडिया 12 से इस प्रकार कुल 63 किसानों ने भाग लिया। मौके पर किसानों को मधुमक्खी पालन से संबंधित समस्त जानकारियां प्रदान की गई।


 उपनिदेशक उद्यान पुरुषोत्तम लाल भट्ट द्वारा अवगत कराया गया कि मधुमक्खी पालन के उत्सुक किसानों को आमंत्रित किया गया था। भट्ट ने अवगत कराया गया की मधुमक्खी पालन हेतु साल भर फूलों के पराग की आवश्यकता होती है एवं मधुमक्खी के बॉक्स को जहां-जहां पराग उपलब्ध होता है वहां स्थानांतरित करने की प्रक्रिया मधुमक्खी पालको द्वारा की जाती है जिसे देशान्तर कहा जाता है। मधुमक्खी पालन करने से फसलों में परागण की प्रक्रिया तेज होती है जिससे फसलों की पैदावार बढ जाती है। फसलों के उत्पादन में बढ़ोतरी होती है, साथ ही शहद उत्पादन और वैक्स उत्पादन से अतिरिक्त आय अर्जित होती है। किसान इस अतिरिक्त व्यवसाय के रूप में लेकर इस योजना का लाभ उठा सकता है।


*योजना अनुदान विवरण*

योजना अंतर्गत एक किसान को अधिकतम 50 मधुमक्खी कॉलोनी एवं 50 मधुमक्खी पालन के बॉक्स अनुदान पर उपलब्ध कराए जाते हैं जिसकी प्रति लागत 2000/-रू होती है। अनुसूचित जाति, जनजाति, लघु सीमांत, महिला कृषकों को कुल लागत का 50 प्रतिशत अनुदान राज्य सरकार द्वारा दिया जाता है। इस प्रकार से कुल 50 कॉलोनी एवं बाक्स लेने वाले किसान को 50,000/- का अनुदान 50 प्रतिशत अनुदान के रूप में दिया जाता है। मधुमक्खी पालक किसानों का मधु क्रांति पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन भी करवाया जाता है प्रशिक्षण के दौरान मौके पर किसानों को आवेदन करने हेतु प्रेरित किया गया ।


*प्रायोगिक प्रदर्शन करवाया गया*

मधुमक्खी पालन के प्रायोगिक प्रदर्शन में कोटा से आए हुए महेंद्र मालव से मधुमक्खी कॉलोनी एवं मधुमक्खी बॉक्स का प्रयोग प्रदर्शन करवाया गया ताकि किसान बॉक्स को किस प्रकार से हैंडल करते हैं, क्या-क्या सामग्री का उपयोग किया जाता है, उसकी जानकारी प्राप्त कर सकें। प्रशिक्षण स्थल के बाहर डेमो दिया गया। किसानों को इसका लाभ लेने हेतु प्रेरित किया ।


*विशेषज्ञों के द्वारा योजनाओं की चर्चा व जानकारी दी गई*

सहायक निदेशक उद्यान विमला कुमारी मीणा द्वारा किसानों को आवेदन कर योजना का लाभ लेने हेतु प्ररित किया एवं उद्यानिकी विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी मौके पर दी गई। एटीसी उद्यानिकी के उप निदेशक चिद्दा सिंह, कृषि अधिकारी, श्याम सिंह, श्री राधचरण कुर्मी, सहायक निदेशक श्री प्रवीण मराला, कृषि अधिकारी जयपाल यादव, देवीलाल मीणा, सुरेश गहलोत आदि ने भाग लेकर कृषकों को मधुमक्खी पालन व विभागीय प्रावधानों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। प्रशिक्षण में सहायक कृषि अधिकारी खुशीराम मेहता, वरिष्ठ कृषि पर्यवेक्षक हरीश पटेल,विकास,संजयसेवक एवं कैलाश सुथार दर्शित सुथार द्वारा सहयोग प्रदान किया गया। नवीन विषय पर प्रशिक्षण से किसानों में भारी उत्साह देखा गया।

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