अद्भुत अलौकिक और दिव्य बुटाटी धाम की प्रतिष्ठा को गांव के असामाजिक तत्वों द्वारा धरना ,प्रदर्शन और नारेबाजी,मुख्य कारण क्या रहे**
*अद्भुत अलौकिक और दिव्य बुटाटी धाम की प्रतिष्ठा को गांव के असामाजिक तत्वों द्वारा धरना ,प्रदर्शन और नारेबाजी,मुख्य कारण क्या रहे**
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नागौर जिले के डेगाना तहसील के यह कुचेरा के निकट बुटाटी धाम है जो की आदिकाल से पक्षाघात जिसे लकवा कहा जाता है ।उसकी इस धाम पर बिल्कुल ठीक और स्वस्थ पीड़ित आया हुआ हो जाता है ।
ऐसा सैकड़ो वर्षों से राजस्थानी नहीं बल्कि भारत और विश्व से भी इस रोग से पीड़ित व्यक्ति आते हैं और अपना स्वास्थ्य लाभ पाते हैं ।
वर्तमान में मंदिर में एक समिति का निर्माण हो रखा है जो कि इसके प्रबंधन और वह संचालन का संपूर्ण जिम्मा एकदम सही और न्याय संगत तरीके से संचालन कर रही है ।लेकिन अध्यक्ष श्री देवेंद्र सिंह बुटाटी ने जनहित और सनातन धर्म रक्षार्थ मंदिर की व्यवस्था में कुछ मूलभूत सुधार किया। जिससे अध्यक्ष के खिलाफ कई व्यक्ति रंजिश रखने लगे । वर्तमान विवाद उसी का परिणाम है।जैसे कि बनाया हुआ मीठा प्रसाद ,मखाने और अन्य मिठाइयां ,नारियल आदि वस्तुओं को प्रतिबंधित कर दिया जिसके कारण मंदिर से बाहर अस्थाई दुकान लगाकर बैठे व्यक्तियों के रोजगार पर असर पड़ा और वही व्यक्ति अब बाबा श्री श्री 1008 श्री चतुरदास महाराज के बुटाटी अद्भुत अलौकिक और दिव्य धाम की प्रतिष्ठा पर सवा लिया निशान खड़ा कर रहे हैं ।
जबकि अध्यक्ष का कहना है कि मैं जब से अध्यक्ष बना हूं और जब से मैं मैंने निशुल्क भोजन व्यवस्था आरंभ की है ,उसी दिन मेरे ऊपर कैंपर गाड़ी से जानलेवा हमला हुआ और मुझे जान से मारने की कोशिश की गई ।इसकी सूचना मैंने कुचेरा थाना प्रभारी से लेकर आईजी स्तर तक में शिकायतें और सीसीटीवी फुटेज सहित अन्य साक्ष्य देने के उपरांत भी नागौर जिला पुलिस प्रशासन ,देवेंद्र सिंह को प्रोटेक्शन नहीं दे रही है। यदि कल को कोई असामाजिक तत्वों ने देवेंद्र सिंह को हानि पहुंचाई तो उसका जिम्मेवार पुलिस प्रशासन ही होगा। हमारी पुलिस की लचर व्यवस्था के कारण देवेंद्र सिंह बुटाटी पर 5-10 दफे हमले हो गए और अभी भी एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने कहा कि मुझ पर कभी भी हमला हो सकता है और मुझे जान से करने पर तुले हैं।
जबकि मंदिर की समिति में कोई किसी प्रकार का भ्रष्टाचार नहीं है धरना प्रदर्शन करने वाले लोग भ्रष्टाचार का आरोप लगा रहे हैं लेकिन वह बिल्कुल निराधार है और तथ्यहीन है भ्रष्टाचार का कहीं कोई सवाल ही नहीं है सिर्फ यह एक षड़यंत्र पूर्वक और व्यक्तिगत रंजिश वश होकर एक नया जुमला खड़ा करके मंदिर की प्रतिष्ठा पर भी सवालिया निशान कर रहे हैं । और अध्यक्ष देवेंद्र सिंह के कर्तव्य निष्ठा और ईमानदारी पूर्ण कार्य की अवहेलना करते हुए मंदिर के सामने धरना प्रदर्शन लगभग हफ्ते बरसे जारी है ।
यह वही असामाजिक तत्व हैं जिन्होंने यहां पर अवैध नशों का कारोबार भी किया और वही लोग धरने पर बैठे हैं ।
इसलिए राज्य सरकार और नागौर जिला प्रशासन को इस मामले पर अविलंब संज्ञान लेकर अध्यक्ष, देवेंद्र सिंह को सुरक्षा प्रदान की जाए और धरना प्रदर्शनकारियों को जो की निराधार और तथ्यहीन है उन्हें वहां से खदेड़ने का कार्य किया जाए तो सनातन धर्म की भी साख बनी रहेगी और मंदिर की व्यवस्था में भी कोई व्यवधान नहीं आएगा यह अत्यंत ही आवश्यक है।
रिपोर्टर *वॉइस ऑफ़ मीडिया* राजस्थान
सिंबू सिंह शेखावत


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