अमृत स्टेशन योजना के अन्तर्गत रेवाड़ी,खैरथल,दौसा स्टेशनों पर पुनर्विकास का कार्य पूर्ण*
*अमृत स्टेशन योजना के अन्तर्गत रेवाड़ी,खैरथल,दौसा स्टेशनों पर पुनर्विकास का कार्य पूर्ण*
जयपुर,24 दिसंबर :- रेलवे द्वारा स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं में बढोतरी करने व स्टेशनों की बिल्डिंग को नया स्वरूप प्रदान करने की “अमृत स्टेशन योजना” के तहत स्टेशनों का पुनर्विकास कार्य किया जा रहा है। उत्तर पश्चिम रेलवे पर जयपुर मण्डल के रेवाड़ी, खैरथल, दौसा स्टेशनों सहित 77 स्टेशनों का लगभग 4000 करोड़ रूपये की लागत के साथ अमृत स्टेशन योजना के अन्तर्गत पुनर्विकास किया जा रहा है।
रेवाड़ी, खैरथल, दौसा स्टेशनों पर जयपुर, रेवाड़ी, खैरथल एवं दौसा क्षेत्र के मीडिया प्रतिनिधियों को कार्य प्रगति की जानकारी देते हुए श्री शशि किरण, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी,उत्तर पश्चिम रेलवे ने बताया कि अमृत स्टेशन योजना के तहत रेवाड़ी, खैरथल, दौसा स्टेशनों पर लगभग 60 करोड़ रुपये से पुनर्विकास के कार्य अंतिम चरण में है। उन्होंने बताया कि पुराने स्टेशन भवन में पर्याप्त स्थान की कमी थी और यात्री सुविधाओं को विकसित करने में कठिनाई हो रही थी। यात्री सुविधाओं में विस्तार करने के लिए अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत स्टेशन बिल्डिंग का नवीनीकरण कर इसमें सुधार किया गया है। स्टेशन पुनर्विकास से अब स्टेशन बिल्डिंग में पर्याप्त स्थान उपलब्ध हुआ है। स्टेशन बिल्डिंग में बेहतर यात्री सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए समुचित क्षेत्र में टिकटिंग सुविधा और बडा वेटिंग हॉल उपलब्ध करवाया गया है।
*रेवाड़ी रेलवे स्टेशन*
रेवाड़ी उत्तर पश्चिम रेलवे के जयपुर मंडल का एक महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशन है, जो दिल्ली, जयपुर सहित अन्य उत्तर भारत के शहरों को जोड़ता है। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत रेवाड़ी स्टेशन का 31.91 करोड़ रुपये की लागत से पुनर्विकास किया जा रहा है। जिसका उद्देश्य स्टेशन को आधुनिक और सुविधाजनक बनाना है ।
रेवाड़ी स्टेशन के भवन को पुर्ण रूप ये नवीनीकृत किया गया है जिसमें सुविधा क्षेत्र को 430 वर्ग मीटर से बढाकर 1600 वर्ग मीटर किया गया है तथा अलग-अलग प्रवेश और निकास द्वार का प्रावधान किया गया है। स्टेशन भवन के अन्दर भारतीय कला और संस्कृति को दर्शाते चित्र बनाये गये है। साथ ही स्टेशन भवन में पोर्च का निर्माण भी किया गया है। स्टेशन भवन के अग्रभाग में प्रकाश व्यवस्था का उन्नयन किया गया है। सर्कुलेटिंग क्षेत्र में सड़क वाहनों के यातायात संचालन में सुधारकर और हरित पट्टी विकसित की गई है तथा समर्पित पार्किंग स्थान के साथ प्रतीक्षा कक्ष और वीआईपी रूम बनाया गया है । आधुनिक फिटिंग के साथ मौजूदा शौचालय ब्लॉकों का नवीनीकरण और मौजूदा प्लेटफ़ॉर्म शेल्टरों की जीआई शीट को बदलने मे साथ नए आकर्षक बाउंड्री वॉल का कार्य भी किया गया है । प्लेटफॉर्मों के 6150 वर्ग मीटर सतह को नवीनीकृत किया गया है। स्टेशन पर ट्रेन इन्फोरमेशन बोर्ड और कोच इंडिकेशन बोर्ड लगाये गये हैं। दिव्यांग जनों के लिए विशेष प्रावधान किये गये हेैं जिसमें हेल्प बूथ, विशेष शौचालय, वाटर बूथ, रेम्प, अलग पार्किंग, साईनेज, कुर्सीयां आदि शामिल हैं।
पुनर्विकास कार्याें मे,जीपीएस आधारित घड़ियां, 5 लिफ्ट व 4 एस्केलेटर फूड प्लाजा का प्रावधान भी किया गया है। साथ ही 10 करोड़ रुपए की लागत से 12 मीटर चौडा फुट ओवर ब्रिज का कार्य भी किया जा रहा है।
इसके अतिरिक्त सीसीटीवी का प्रावधान तथा महिला और बच्चों के लिए सुरक्षा के प्रावधान किये गये हैं। जल संरक्षण हेतु रेन वाटर हार्वेस्टिंग और वाटर रिसाईक्लिंग प्लाटं तथा उर्जा संरक्षण के लिए रूफ टॉप सोलर प्लांट भी लगाया जा रहा है।
*खैरथल रेलवे स्टेशन*
खैरथल रेलवे स्टेशन उत्तर पश्चिम रेलवे के जयपुर मंडल में स्थित है। यह स्टेशन स्थानीय कला और आधुनिक डिजाइन का अनूठा मिश्रण प्रस्तुत करता है । खैरथल में बडी अनाज़ और सब्जी मंडी है। यह अलवर जिले का एक प्रमुख व्यापारिक केंद्र है। यह स्टेशन आसपास के क्षेत्रों जैसे किशनगढ बास, तिजारा और खैरथल के यात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण कनेक्टिविटी पॉइंट रहा है ।
खैरथल रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास कार्य अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत लगभग पूरा हो गया है। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत लगभग 12.79 करोड़ रुपये की लागत से किए गए इस कार्य में स्टेशन को आधुनिक और यात्री-अनुकूल बनाया गया है। स्टेशन के भवन को पुर्ण रूप ये नवीनीकृत किया गया है । साथ ही स्टेशन भवन में पोर्च का निर्माण भी किया गया है। सर्कुलेटिंग क्षेत्र में सुविधा क्षेत्र को 1200 वर्ग मीटर से बढाकर 3600 वर्ग मीटर किया गया है तथा अलग-अलग प्रवेश और निकास द्वार का प्रावधान किया गया है। दोपहिया और चौपहिया वाहनों के लिए पृथक पार्किंग का प्रावधान किया गया है। 4.19 करोड़ रुपये की लागत से 12 मीटर चौड़ा ऊपरी पैदल पुल (एफओबी) का निर्माण किया गया है जिसमें रेम्प और कवरिंग शेड़ का भी प्रावधान किया गया है। मौजूदा प्लेटफ़ॉर्म शेल्टरों मे 150 वर्ग मीटर का विस्तार किया गया है। प्लेटफॉर्मों के 4197 वर्ग मीटर सतह को नवीनीकृत किया गया है। स्टेशन भवन के अन्दर 300 वर्ग मीटर में कलात्मक चित्र बनाये गये है।
खैरथल रेलवे स्टेशन पर नये प्रतीक्षा कक्ष बनाये गये हैं । आधुनिक फिटिंग के साथ मौजूदा शौचालय ब्लॉकों का नवीनीकरण किया गया है। दिव्यांग जनों के लिए विशेष प्रावधान किये गये हेैं जिसमें हेल्प बूथ, शौचालय, वाटर बूथ, रेम्प, टिकट विंडो, साईनेज, कुर्सीयां आदि शामिल हैं।
*दौसा रेलवे स्टेशन*
दौसा रेलवे स्टेशन, राजस्थान के दौसा जिले में स्थित, एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक और परिवहन का केंद्र है। यह स्टेशन दिल्ली-अहमदाबाद रेल मार्ग पर स्थित है और जयपुर से लगभग 60 किलोमीटर की दूरी पर है। दौसा का रेलवे इतिहास ब्रिटिश शासनकाल से जुड़ा है, जब इसे मुख्य रूप से व्यापार, शिक्षा, और सेना की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए विकसित किया गया था।
अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत लगभग 15.17 करोड़ रुपये की लागत से किए गए इस कार्य में स्टेशन को आधुनिक और यात्री-अनुकूल बनाया गया है।
स्टेशन के भवन को पुर्ण रूप ये नवीनीकृत किया गया है सर्कुलेटिंग क्षेत्र में सुविधा क्षेत्र को विकसित किया गया है तथा अलग-अलग प्रवेश और निकास द्वार का प्रावधान किया गया है। साथ ही स्टेशन भवन में पोर्च का निर्माण भी किया गया है। स्टेशन भवन के अन्दर तथा वेटिंग हॉल मे भारतीय कला, विरासत और संस्कृति को दर्षाते चित्र बनाये गये है। दोपहिया और चौपहिया वाहनों के लिए पृथक पार्किंग का प्रावधान किया गया है। 4.10 करोड़ रुपये की लागत से ऊपरी पैदल पुल (एफओबी) का निर्माण किया गया है जिसमें रेम्प और कवरिंग शेड़ का भी प्रावधान किया गया। नये प्रतीक्षा कक्ष बनाये गये हैं । आधुनिक फिटिंग के साथ मौजूदा शौचालय ब्लॉकों का नवीनीकरण किया गया है। दिव्यांग जनों के लिए विशेष प्रावधान किये गये हेैं जिसमें हेल्प बूथ, शौचालय, वाटर बूथ, रेम्प, अलग पार्किंग, साईनेज, कुर्सीयां आदि शामिल हैं। इसके साथ ही 1.08 करोड़ रुपये की लागत से 02 लिफ्ट भी लगाये गये हैं।
स्टेशन पर ट्रेन इन्फोरमेशन बोर्ड और कोच इंडिकेशन बोर्ड लगाये गये हैं। इसके अतिरिक्त सुरक्षा के लिए सीसीटीवी का प्रावधान भी किया गया है। महिला और बच्चों के लिए सुरक्षा के प्रावधान किये गये हैं। जल संरक्षण हेतु रेन वाटर हार्वेस्टिंग और वाटर रिसाईक्लिंग प्लाटं तथा उर्जा संरक्षण के लिए सोलर पावर से सम्बंधित कार्य भी किये गये है।
उल्लेखनीय है कि उत्तर पश्चिम रेलवे पर जयपुर मण्डल में 18 स्टेशनों का 1325 करोड़ रूपये से पुनर्विकास कार्य किया जा रहा है। जिनमें जयपुर, गांधीनगर जयपुर, सांगानेर, रेवाड़ी, फुलेरा, अलवर, बांदीकुई, सीकर, दौसा, रींगस, राजगढ़, आसलपुर जोबनेर, खैरथल, नीम का थाना, नारनौल, फतेहपुर शेखावाटी, झुंझुनू, नरेना स्टेशन शामिल है। माननीय प्रधानमंत्री जी द्वारा 22 मई 2025 को राजगढ़, फतेहपुर शेखावाटी स्टेशनों का उद्घाटन कर आमजन के लिए उपलब्ध करवाया जा चुका है।
स्टेशनों के पुनर्विकास में स्थानीय कला को ध्यान मे रखकर आधुनिकता का समावेश किया जा रहा है। यात्रियों के आवागमन को सुविधाजनक बनाने के लिए आगमन और प्रस्थान का अलग-अलग प्रावधान किया जा रहा है। यात्रियों की सुविधाओं में बढ़ोतरी के लिए यहाँ पर आवश्यकता अनुसार लिफ्ट,
एस्केलेटर,एग्जीक्यूटिव लांउज, वेटिंग रूम,
शॉपिंग कॉम्प्लेक्स,कैफेटेरिया, पर्याप्त पार्किंग सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी। अमृत स्टेशन पुनर्विकास योजना से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, लोगों को आने जाने मे सुविधा होगी, स्वच्छ और आधुनिक रेलवे स्टेशनों से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और क्षेत्र का आर्थिक और सामाजिक विकास होगा।
इस अवसर पर श्री पीयूष जोशी मुख्य परियोजना प्रबंधक जयपुर, श्री कमल शर्मा मंडल वाणिज्य प्रबंधक जयपुर, श्री कमल जोशी वरिष्ठ जनसंपर्क अधिकारी सहित मंडल के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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